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पुरुष का स्पर्म कितना होना चाहिए जिससे बच्चा ठहर सकता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पुरुष के वीर्य में लगभग 15 मिलियन शुक्राणु प्रति मिलीलीटर (ml) होना सामान्य माना जाता है।

यदि प्रति मिलीलीटर शुक्राणुओं की संख्या इससे कम है या कुल शुक्राणु संख्या 39 मिलियन से कम है, तो यह पुरुष निःसंतानता का संकेत हो सकता है।

प्राकृतिक गर्भधारण के लिए आवश्यक मानक:

  • स्पर्म काउंट (Sperm Count): 15 मिलियन प्रति ml या उससे अधिक
  • गतिशीलता (Motility): शुक्राणुओं का आगे बढ़ने की क्षमता सही होनी चाहिए
  • बनावट (Morphology): शुक्राणुओं का आकार सामान्य होना जरूरी है
  • जीवितता (Viability): जीवित शुक्राणुओं की संख्या पर्याप्त होनी चाहिए

गर्भधारण के लिए केवल संख्या ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

महत्वपूर्ण बात:

यदि पत्नी की सभी रिपोर्ट सामान्य हैं और फिर भी गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो समस्या पुरुष में भी हो सकती है।

इसके लिए सीमन एनालिसिस (Semen Analysis) सबसे पहला और जरूरी टेस्ट होता है।

स्पर्म काउंट कम क्यों होता है?

  • कम शुक्राणु संख्या (Low sperm count)
  • गतिशीलता कम या न होना
  • मृत या कमजोर शुक्राणु
  • निल स्पर्म (Azoospermia)
  • टेस्टिस में समस्या (शुक्राणु बनते हैं पर बाहर नहीं आते)

बदलती जीवनशैली, खराब खानपान और तनाव के कारण पुरुषों में स्पर्म काउंट में कमी देखी जा रही है।

कम शुक्राणुओं में पिता बनने के विकल्प:

  • 10–15 मिलियन: IUI (Intrauterine Insemination) एक विकल्प हो सकता है
  • 5–10 मिलियन: IVF बेहतर विकल्प माना जाता है
  • 5 मिलियन से कम: ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection) अधिक प्रभावी हो सकता है

इन तकनीकों में लैब में निषेचन (fertilization) कराया जाता है जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भधारण के लिए केवल संख्या नहीं, बल्कि शुक्राणुओं की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
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